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Shimla: हाथों में नारे लिखीं तख्तियां लेकर हाॅलीलाॅज पहुंचे विक्रमादित्य सिंह समर्थक, जमकर की नारेबाजी - Amar Ujala
By Aravind Sharma
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Published January 20, 2026
**शिमला: विक्रमादित्य सिंह के समर्थन में उमड़ा जनसैलाब, 'होली लॉज' के बाहर गूंजे समर्थन के नारे**
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में राजनीतिक पारा एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री विक्रमादित्य सिंह के आवास 'होली लॉज' के बाहर आज सुबह से ही उनके समर्थकों का भारी जमावड़ा देखने को मिला। प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए सैकड़ों कार्यकर्ता हाथों में नारेबाजी लिखी तख्तियां और पोस्टर लेकर पहुंचे थे। समर्थकों के जोश और नारों से पूरा परिसर गुंजायमान हो उठा, जिससे यह स्पष्ट संदेश गया कि विक्रमादित्य सिंह का जनाधार आज भी बेहद मजबूत है और उनके समर्थक हर परिस्थिति में उनके साथ खड़े हैं।
प्रदर्शन के दौरान समर्थकों के हाथों में मौजूद तख्तियों पर "विक्रमादित्य सिंह आगे बढ़ो, हम तुम्हारे साथ हैं" और "वीरभद्र सिंह की विरासत जिंदाबाद" जैसे नारे प्रमुखता से लिखे हुए थे। समर्थकों ने जमकर नारेबाजी करते हुए अपने नेता के प्रति अटूट निष्ठा व्यक्त की। इस दौरान समर्थकों का कहना था कि विक्रमादित्य सिंह प्रदेश के युवाओं और आम जनता की आवाज हैं, और उनके आत्मसम्मान के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। कार्यकर्ताओं की इस भीड़ ने राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है, जिसे सीधे तौर पर शक्ति प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि 'होली लॉज' पर समर्थकों की यह भारी भीड़ प्रदेश की वर्तमान राजनीतिक अस्थिरता और सरकार के भीतर चल रहे खींचतान का परिणाम है। पिछले कुछ दिनों से विक्रमादित्य सिंह और मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के बीच मतभेदों की खबरें सुर्खियों में रही हैं। राज्यसभा चुनाव के बाद पैदा हुए हालातों और विक्रमादित्य सिंह के इस्तीफे की पेशकश ने इस विवाद को हवा दी थी। आज का यह घटनाक्रम कांग्रेस आलाकमान के लिए भी एक संकेत है कि विक्रमादित्य सिंह को दरकिनार करना पार्टी के लिए जमीनी स्तर पर चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
फिलहाल, शिमला की सड़कों से लेकर 'होली लॉज' के आंगन तक केवल विक्रमादित्य सिंह के समर्थन में उठती आवाजें सुनाई दे रही हैं। समर्थकों का साफ कहना है कि वे अपने नेता के सम्मान की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं। अब देखना यह होगा कि समर्थकों के इस भारी दबाव और बदलती राजनीतिक परिस्थितियों के बीच प्रदेश की सुक्खू सरकार और कांग्रेस संगठन क्या रुख अपनाते हैं। आने वाले कुछ दिन हिमाचल की राजनीति के भविष्य के लिए अत्यंत निर्णायक साबित होने वाले हैं।
लेखन: सत्य संवाद न्यूज़ डेस्क | साभार: Google News
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में राजनीतिक पारा एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री विक्रमादित्य सिंह के आवास 'होली लॉज' के बाहर आज सुबह से ही उनके समर्थकों का भारी जमावड़ा देखने को मिला। प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए सैकड़ों कार्यकर्ता हाथों में नारेबाजी लिखी तख्तियां और पोस्टर लेकर पहुंचे थे। समर्थकों के जोश और नारों से पूरा परिसर गुंजायमान हो उठा, जिससे यह स्पष्ट संदेश गया कि विक्रमादित्य सिंह का जनाधार आज भी बेहद मजबूत है और उनके समर्थक हर परिस्थिति में उनके साथ खड़े हैं।
प्रदर्शन के दौरान समर्थकों के हाथों में मौजूद तख्तियों पर "विक्रमादित्य सिंह आगे बढ़ो, हम तुम्हारे साथ हैं" और "वीरभद्र सिंह की विरासत जिंदाबाद" जैसे नारे प्रमुखता से लिखे हुए थे। समर्थकों ने जमकर नारेबाजी करते हुए अपने नेता के प्रति अटूट निष्ठा व्यक्त की। इस दौरान समर्थकों का कहना था कि विक्रमादित्य सिंह प्रदेश के युवाओं और आम जनता की आवाज हैं, और उनके आत्मसम्मान के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। कार्यकर्ताओं की इस भीड़ ने राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है, जिसे सीधे तौर पर शक्ति प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि 'होली लॉज' पर समर्थकों की यह भारी भीड़ प्रदेश की वर्तमान राजनीतिक अस्थिरता और सरकार के भीतर चल रहे खींचतान का परिणाम है। पिछले कुछ दिनों से विक्रमादित्य सिंह और मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के बीच मतभेदों की खबरें सुर्खियों में रही हैं। राज्यसभा चुनाव के बाद पैदा हुए हालातों और विक्रमादित्य सिंह के इस्तीफे की पेशकश ने इस विवाद को हवा दी थी। आज का यह घटनाक्रम कांग्रेस आलाकमान के लिए भी एक संकेत है कि विक्रमादित्य सिंह को दरकिनार करना पार्टी के लिए जमीनी स्तर पर चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
फिलहाल, शिमला की सड़कों से लेकर 'होली लॉज' के आंगन तक केवल विक्रमादित्य सिंह के समर्थन में उठती आवाजें सुनाई दे रही हैं। समर्थकों का साफ कहना है कि वे अपने नेता के सम्मान की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं। अब देखना यह होगा कि समर्थकों के इस भारी दबाव और बदलती राजनीतिक परिस्थितियों के बीच प्रदेश की सुक्खू सरकार और कांग्रेस संगठन क्या रुख अपनाते हैं। आने वाले कुछ दिन हिमाचल की राजनीति के भविष्य के लिए अत्यंत निर्णायक साबित होने वाले हैं।
लेखन: सत्य संवाद न्यूज़ डेस्क | साभार: Google News
Aravind Sharma
Senior Political Correspondent with 15 years of experience.