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'हम दूसरे को तोड़ने वाले हैं, टूटने वाले नहीं', विधायक आलोक सिंह ने RLM में टूट की अफवाहों पर लगाया विराम - Jagran
By Aravind Sharma
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Published January 20, 2026
**'हम दूसरे को तोड़ने वाले हैं, टूटने वाले नहीं', विधायक आलोक सिंह ने RLM में टूट की अफवाहों पर लगाया विराम**
बिहार की राजनीति में पिछले कुछ दिनों से राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) के भीतर संभावित टूट को लेकर चल रही अटकलों पर अब पूरी तरह से विराम लग गया है। पार्टी के कद्दावर नेता और विधायक आलोक सिंह ने इन तमाम खबरों को सिरे से खारिज करते हुए स्पष्ट किया है कि पार्टी पूरी तरह से एकजुट और मजबूत है। हाल के दिनों में विपक्षी खेमों और राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा जोरों पर थी कि RLM के कुछ विधायक पाला बदल सकते हैं, जिससे गठबंधन की राजनीति में हलचल तेज हो गई थी। हालांकि, विधायक आलोक सिंह के इस ताजा और कड़े बयान ने विरोधियों के उन दावों की हवा निकाल दी है जो पार्टी में बिखराव की उम्मीद लगाए बैठे थे।
मीडिया से मुखातिब होते हुए आलोक सिंह ने बेहद आक्रामक और आत्मविश्वास से भरे तेवर दिखाए। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा, "हम दूसरे को तोड़ने वाले हैं, खुद टूटने वाले नहीं।" उनके इस बयान को राजनीतिक हलकों में एक बड़े शक्ति प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है। सिंह ने जोर देकर कहा कि पार्टी का हर एक कार्यकर्ता और विधायक अपने शीर्ष नेतृत्व और विचारधारा के प्रति पूरी तरह समर्पित है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस तरह की भ्रामक खबरें केवल उन ताकतों द्वारा फैलाई जा रही हैं जो पार्टी की बढ़ती लोकप्रियता से घबराए हुए हैं और संगठन में अस्थिरता पैदा करना चाहते हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनाव के बाद के समीकरणों और आगामी रणनीतियों के बीच अक्सर इस तरह के प्रोपेगेंडा का सहारा लिया जाता है। आलोक सिंह ने विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जो लोग खुद अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहे हैं, वे ही इस तरह की अफवाहें फैलाकर जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने साफ किया कि राष्ट्रीय लोक मोर्चा न केवल एकजुट है, बल्कि आने वाले समय में अन्य दलों के असंतुष्ट नेताओं के लिए एक मजबूत विकल्प बनकर उभरेगा। विधायक ने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे ऐसी किसी भी नकारात्मक चर्चा पर ध्यान न दें और पार्टी के विस्तार के कार्य में जुटे रहें।
इस स्पष्टीकरण के बाद पार्टी के भीतर का माहौल अब काफी सकारात्मक नजर आ रहा है। आलोक सिंह के इस रुख ने न केवल पार्टी समर्थकों में नया उत्साह भर दिया है, बल्कि प्रतिद्वंद्वी खेमों को भी यह संदेश दे दिया है कि RLM को कमजोर समझना उनकी बड़ी भूल होगी। आने वाले समय में पार्टी अपनी संगठनात्मक मजबूती और जनसंपर्क अभियान को और तेज करने वाली है। कुल मिलाकर, विधायक के इस बयान ने यह स्पष्ट कर दिया है कि राष्ट्रीय लोक मोर्चा एक चट्टान की तरह अडिग है और किसी भी राजनीतिक दबाव या प्रलोभन के आगे झुकने के बजाय अपनी शर्तों पर राजनीति करने का दम रखता है।
लेखन: सत्य संवाद न्यूज़ डेस्क | साभार: Google News
बिहार की राजनीति में पिछले कुछ दिनों से राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) के भीतर संभावित टूट को लेकर चल रही अटकलों पर अब पूरी तरह से विराम लग गया है। पार्टी के कद्दावर नेता और विधायक आलोक सिंह ने इन तमाम खबरों को सिरे से खारिज करते हुए स्पष्ट किया है कि पार्टी पूरी तरह से एकजुट और मजबूत है। हाल के दिनों में विपक्षी खेमों और राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा जोरों पर थी कि RLM के कुछ विधायक पाला बदल सकते हैं, जिससे गठबंधन की राजनीति में हलचल तेज हो गई थी। हालांकि, विधायक आलोक सिंह के इस ताजा और कड़े बयान ने विरोधियों के उन दावों की हवा निकाल दी है जो पार्टी में बिखराव की उम्मीद लगाए बैठे थे।
मीडिया से मुखातिब होते हुए आलोक सिंह ने बेहद आक्रामक और आत्मविश्वास से भरे तेवर दिखाए। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा, "हम दूसरे को तोड़ने वाले हैं, खुद टूटने वाले नहीं।" उनके इस बयान को राजनीतिक हलकों में एक बड़े शक्ति प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है। सिंह ने जोर देकर कहा कि पार्टी का हर एक कार्यकर्ता और विधायक अपने शीर्ष नेतृत्व और विचारधारा के प्रति पूरी तरह समर्पित है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस तरह की भ्रामक खबरें केवल उन ताकतों द्वारा फैलाई जा रही हैं जो पार्टी की बढ़ती लोकप्रियता से घबराए हुए हैं और संगठन में अस्थिरता पैदा करना चाहते हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनाव के बाद के समीकरणों और आगामी रणनीतियों के बीच अक्सर इस तरह के प्रोपेगेंडा का सहारा लिया जाता है। आलोक सिंह ने विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जो लोग खुद अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहे हैं, वे ही इस तरह की अफवाहें फैलाकर जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने साफ किया कि राष्ट्रीय लोक मोर्चा न केवल एकजुट है, बल्कि आने वाले समय में अन्य दलों के असंतुष्ट नेताओं के लिए एक मजबूत विकल्प बनकर उभरेगा। विधायक ने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे ऐसी किसी भी नकारात्मक चर्चा पर ध्यान न दें और पार्टी के विस्तार के कार्य में जुटे रहें।
इस स्पष्टीकरण के बाद पार्टी के भीतर का माहौल अब काफी सकारात्मक नजर आ रहा है। आलोक सिंह के इस रुख ने न केवल पार्टी समर्थकों में नया उत्साह भर दिया है, बल्कि प्रतिद्वंद्वी खेमों को भी यह संदेश दे दिया है कि RLM को कमजोर समझना उनकी बड़ी भूल होगी। आने वाले समय में पार्टी अपनी संगठनात्मक मजबूती और जनसंपर्क अभियान को और तेज करने वाली है। कुल मिलाकर, विधायक के इस बयान ने यह स्पष्ट कर दिया है कि राष्ट्रीय लोक मोर्चा एक चट्टान की तरह अडिग है और किसी भी राजनीतिक दबाव या प्रलोभन के आगे झुकने के बजाय अपनी शर्तों पर राजनीति करने का दम रखता है।
लेखन: सत्य संवाद न्यूज़ डेस्क | साभार: Google News
Aravind Sharma
Senior Political Correspondent with 15 years of experience.