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VB–G RAM G एक्ट के विरोध में राहुल गांधी का हल्लाबोल, रायबरेली में ‘मनरेगा बचाओ’ चौपाल का कल आयोजन - AajTak
By Aravind Sharma
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Published January 20, 2026
**VB–G RAM G एक्ट के विरोध में राहुल गांधी का हल्लाबोल, रायबरेली में ‘मनरेगा बचाओ’ चौपाल का कल आयोजन**
रायबरेली में राजनीतिक सरगर्मी एक बार फिर तेज हो गई है। कांग्रेस के दिग्गज नेता और स्थानीय सांसद राहुल गांधी केंद्र सरकार के नए 'VB–G RAM G' एक्ट के विरोध में सीधे मैदान में उतर आए हैं। कल रायबरेली के एक प्रमुख गांव में 'मनरेगा बचाओ' चौपाल का विशाल आयोजन होने जा रहा है, जहां राहुल गांधी सीधे श्रमिकों और आम जनता से संवाद करेंगे। इस कदम को कांग्रेस पार्टी के उस बड़े अभियान का हिस्सा माना जा रहा है, जिसके तहत वह ग्रामीण अर्थव्यवस्था और रोजगार के अधिकारों पर हो रहे कथित हमलों के खिलाफ जनता को लामबंद कर रही है।
'मनरेगा' को ग्रामीण भारत की जीवनरेखा बताते हुए राहुल गांधी ने केंद्र सरकार की नीतियों पर तीखा प्रहार किया है। उनका तर्क है कि 'VB–G RAM G' एक्ट के कुछ विवादास्पद प्रावधानों से मनरेगा की मूल भावना को ठेस पहुंचेगी और ग्रामीण रोजगार के अवसरों में भारी कटौती हो सकती है। इस चौपाल के माध्यम से राहुल गांधी न केवल कानून की जटिलताओं और उसकी कथित खामियों को उजागर करेंगे, बल्कि यह भी बताएंगे कि कैसे बजट में बदलाव और नए नियमों के जरिए गरीबों के संवैधानिक हक को सीमित करने का प्रयास किया जा रहा है। रायबरेली की जनता और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच इस कार्यक्रम को लेकर भारी उत्साह देखा जा रहा है।
आयोजन की तैयारियों को लेकर उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी और स्थानीय जिला इकाई ने पूरी ताकत झोंक दी है। कल आयोजित होने वाली इस विशेष चौपाल में हजारों की संख्या में मनरेगा श्रमिकों के जुटने की संभावना जताई जा रही है। कार्यक्रम के प्रारूप के अनुसार, राहुल गांधी न केवल एक जनसभा को संबोधित करेंगे, बल्कि वे व्यक्तिगत रूप से श्रमिकों के बीच बैठकर उनकी समस्याओं को सुनेंगे। पार्टी सूत्रों का कहना है कि यह केवल एक औपचारिक विरोध प्रदर्शन नहीं है, बल्कि ग्रामीण सशक्तिकरण की दिशा में एक नए जन-आंदोलन की शुरुआत है, जिसकी गूंज सीधे दिल्ली के सत्ता गलियारों तक पहुंचाने की रणनीति तैयार की गई है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राहुल गांधी का यह 'हल्लाबोल' ग्रामीण वोट बैंक को फिर से कांग्रेस के पक्ष में जोड़ने की दिशा में एक सोची-समझी रणनीति है। 'मनरेगा बचाओ' का नारा देकर कांग्रेस उस वर्ग को साधने की कोशिश कर रही है, जो आर्थिक रूप से हाशिए पर है। रायबरेली की यह चौपाल न केवल स्थानीय मुद्दों को हवा देगी, बल्कि आने वाले समय में राष्ट्रीय स्तर पर भी केंद्र की नीतियों के खिलाफ विपक्ष के तेवरों को और कड़ा करेगी। अब देखना यह होगा कि कल की इस चौपाल से निकलने वाला संदेश ग्रामीण राजनीति की दिशा को किस ओर मोड़ता है।
लेखन: सत्य संवाद न्यूज़ डेस्क | साभार: Google News
रायबरेली में राजनीतिक सरगर्मी एक बार फिर तेज हो गई है। कांग्रेस के दिग्गज नेता और स्थानीय सांसद राहुल गांधी केंद्र सरकार के नए 'VB–G RAM G' एक्ट के विरोध में सीधे मैदान में उतर आए हैं। कल रायबरेली के एक प्रमुख गांव में 'मनरेगा बचाओ' चौपाल का विशाल आयोजन होने जा रहा है, जहां राहुल गांधी सीधे श्रमिकों और आम जनता से संवाद करेंगे। इस कदम को कांग्रेस पार्टी के उस बड़े अभियान का हिस्सा माना जा रहा है, जिसके तहत वह ग्रामीण अर्थव्यवस्था और रोजगार के अधिकारों पर हो रहे कथित हमलों के खिलाफ जनता को लामबंद कर रही है।
'मनरेगा' को ग्रामीण भारत की जीवनरेखा बताते हुए राहुल गांधी ने केंद्र सरकार की नीतियों पर तीखा प्रहार किया है। उनका तर्क है कि 'VB–G RAM G' एक्ट के कुछ विवादास्पद प्रावधानों से मनरेगा की मूल भावना को ठेस पहुंचेगी और ग्रामीण रोजगार के अवसरों में भारी कटौती हो सकती है। इस चौपाल के माध्यम से राहुल गांधी न केवल कानून की जटिलताओं और उसकी कथित खामियों को उजागर करेंगे, बल्कि यह भी बताएंगे कि कैसे बजट में बदलाव और नए नियमों के जरिए गरीबों के संवैधानिक हक को सीमित करने का प्रयास किया जा रहा है। रायबरेली की जनता और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच इस कार्यक्रम को लेकर भारी उत्साह देखा जा रहा है।
आयोजन की तैयारियों को लेकर उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी और स्थानीय जिला इकाई ने पूरी ताकत झोंक दी है। कल आयोजित होने वाली इस विशेष चौपाल में हजारों की संख्या में मनरेगा श्रमिकों के जुटने की संभावना जताई जा रही है। कार्यक्रम के प्रारूप के अनुसार, राहुल गांधी न केवल एक जनसभा को संबोधित करेंगे, बल्कि वे व्यक्तिगत रूप से श्रमिकों के बीच बैठकर उनकी समस्याओं को सुनेंगे। पार्टी सूत्रों का कहना है कि यह केवल एक औपचारिक विरोध प्रदर्शन नहीं है, बल्कि ग्रामीण सशक्तिकरण की दिशा में एक नए जन-आंदोलन की शुरुआत है, जिसकी गूंज सीधे दिल्ली के सत्ता गलियारों तक पहुंचाने की रणनीति तैयार की गई है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राहुल गांधी का यह 'हल्लाबोल' ग्रामीण वोट बैंक को फिर से कांग्रेस के पक्ष में जोड़ने की दिशा में एक सोची-समझी रणनीति है। 'मनरेगा बचाओ' का नारा देकर कांग्रेस उस वर्ग को साधने की कोशिश कर रही है, जो आर्थिक रूप से हाशिए पर है। रायबरेली की यह चौपाल न केवल स्थानीय मुद्दों को हवा देगी, बल्कि आने वाले समय में राष्ट्रीय स्तर पर भी केंद्र की नीतियों के खिलाफ विपक्ष के तेवरों को और कड़ा करेगी। अब देखना यह होगा कि कल की इस चौपाल से निकलने वाला संदेश ग्रामीण राजनीति की दिशा को किस ओर मोड़ता है।
लेखन: सत्य संवाद न्यूज़ डेस्क | साभार: Google News
Aravind Sharma
Senior Political Correspondent with 15 years of experience.